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चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था, कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी.... |
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अजीब सी बेताबी है तेरे बिना, रह भी लेते है और रहा भी नही जाता…..! |
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अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे, हर खवाब मे बुलाया है तुझे, क्यू न करे याद तुझ को, जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे.... |
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दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में ख्वाब उनका था, कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा, मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था......!! |
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तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है, |
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…....!!
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अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो, |
हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया करते हैं........!!
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हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर, सुना है कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है…...!! |
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पूछते थे ना कितना प्यार है हमें तुम से, लो अब गिन लो… ये बूँदें बारिश की…...!! |
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क़यामत टूट पड़ती है ज़रा से होंठ हिलने पर, जाने क्या हस्र होगा जब वो खुलकर मुस्कुरायेंगे.......! |
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पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे, वो अपनी जुल्फें न संभाल पाए और हम खुद को…...!! |
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